राजस्थान मुख्यमंत्री कार्यालय की 13 अक्टूबर की विज्ञप्ति और 15 अक्टूबर की रिपोर्ट के अनुसार प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना में राजस्थान के आठ जिले शामिल हैं। नागौर ने सभी उद्देश्यों के समग्र प्रदर्शन में 84.13 अंक के साथ राष्ट्रीय स्तर पर दूसरा स्थान प्राप्त किया। फसल विविधीकरण एवं टिकाऊ कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देने के अलग संकेतक में नागौर 18.44 अंक के साथ प्रथम रहा। इन दोनों रैंकिंग में अंतर समझना जरूरी है।
योजना में देश के 100 जिलों को शामिल किया गया है। कम कृषि उत्पादकता, कम फसल सघनता और कृषि ऋण की सीमित उपलब्धता जैसे आधार चयन में महत्वपूर्ण रहे। योजना में 11 मंत्रालयों/विभागों की 36 योजनाओं के समन्वय से उत्पादकता, फसल विविधीकरण, भंडारण, सिंचाई, कृषि ऋण तथा बेहतर सेवाओं पर काम होता है।
नागौर ने फसल कटाई के बाद भंडारण क्षमता तथा दीर्घकालिक कृषि ऋण की पहुँच के क्षेत्र में चौथा स्थान भी प्राप्त किया। पाली सिंचाई ढाँचे में सुधार के संकेतक पर आठवें स्थान पर रहा। 12 अक्टूबर को नई दिल्ली में आयोजित समारोह में नागौर को उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया गया।
Important Key Points
- योजना: प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना
- देश में शामिल जिले: 100
- राजस्थान से शामिल जिले: 8
- नागौर की समग्र राष्ट्रीय रैंक: दूसरा स्थान
- समग्र स्कोर: 84.13 अंक
- फसल विविधीकरण और टिकाऊ खेती में नागौर: पहला स्थान, 18.44 अंक
- समन्वित केंद्रीय योजनाएँ: 36
- पाली: सिंचाई ढाँचे के संकेतक में आठवाँ स्थान
Source: राजस्थान मुख्यमंत्री कार्यालय
Reference: https://cmo.rajasthan.gov.in/pressreleasedetail/253092